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मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी

May 24, 2017
जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम-ए-जाँ बनता गया  सोज़-ए-जानाँ दिल में सोज़-ए-दीगराँ बनता गया  रफ़्ता रफ़्ता मुंक़लिब होती गई रस्म-ए...
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी Reviewed by Yogendra Nagre on May 24, 2017 Rating: 5

ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद

May 19, 2017
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है  घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है  रोज़ काग़ज़ पे बनाता हूँ मैं क़दमों के नुक़ूश  ...
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद Reviewed by Bhopali2much on May 19, 2017 Rating: 5
अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Yogendra Nagre on May 13, 2017 Rating: 5

ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख - निदा फ़ाज़ली

May 10, 2017
यक़ीन चाँद पे सूरज में ए'तिबार भी रख मगर निगाह में थोड़ा सा इंतिज़ार भी रख ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक...
ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख - निदा फ़ाज़ली ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख  - निदा फ़ाज़ली Reviewed by Bhopali2much on May 10, 2017 Rating: 5

दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है, चले आओ जहाँ तक रौशनी मालूम होती है - नुशुर वाहिदी

April 29, 2017
नई दुनिया मुजस्सम दिलकशी मालूम होती है मगर इस हुस्न में दिल की कमी मालूम होती है हिजाबों में नसीम-ए-ज़िंदगी मालूम होती है किसी दामन की ह...
दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है, चले आओ जहाँ तक रौशनी मालूम होती है - नुशुर वाहिदी दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है, चले आओ जहाँ तक रौशनी मालूम होती है - नुशुर वाहिदी Reviewed by Bhopali2much on April 29, 2017 Rating: 5

दाग़ दुनिया ने दिए ज़ख़्म ज़माने से मिले - कैफ भोपाली

April 28, 2017
दाग़ दुनिया ने दिए ज़ख़्म ज़माने से मिले हम को तोहफ़े ये तुम्हें दोस्त बनाने से मिले हम तरसते ही तरसते ही तरसते ही रहे वो फ़लाने से फ़...
दाग़ दुनिया ने दिए ज़ख़्म ज़माने से मिले - कैफ भोपाली दाग़ दुनिया ने दिए ज़ख़्म ज़माने से मिले - कैफ भोपाली Reviewed by Bhopali2much on April 28, 2017 Rating: 5
दिल धड़कने का सबब याद आया - नासिर काज़मी दिल धड़कने का सबब याद आया - नासिर काज़मी Reviewed by Bhopali2much on April 27, 2017 Rating: 5

कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं, यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं - अंजुम रहबर

April 25, 2017
कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं वो बे-वफ़ा जो राह में टकरा गया कहीं कह दूँगी मैं भी साफ़ कि पहचान...
कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं, यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं - अंजुम रहबर कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं, यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं - अंजुम रहबर Reviewed by Bhopali2much on April 25, 2017 Rating: 5

वो एक शख़्स कि जो साथ साथ फिरता था - खालिद हसन कादिरी

April 02, 2017
वो एक शख़्स कि जो साथ साथ फिरता था नज़र जो बदली तो फिर वो नज़र नहीं आया फिरा किए हैं चहल साल दश्त-ए-वहशत में किसी को याद तिरा रहगुज़र ...
वो एक शख़्स कि जो साथ साथ फिरता था - खालिद हसन कादिरी वो एक शख़्स कि जो साथ साथ फिरता था - खालिद हसन कादिरी Reviewed by Bhopali2much on April 02, 2017 Rating: 5

ढूँडते फिरते हैं ज़ख़्मों का मुदावा निकले - जमील मलिक

April 01, 2017
ढूँडते फिरते हैं ज़ख़्मों का मुदावा निकले इस भरे शहर में कोई तो मसीहा निकले उफ़ ये अम्बोह-ए-रवाँ हाए मिरी तंहाई कहीं रस्ता नज़र आए कोई...
ढूँडते फिरते हैं ज़ख़्मों का मुदावा निकले - जमील मलिक ढूँडते फिरते हैं ज़ख़्मों का मुदावा निकले - जमील मलिक Reviewed by Bhopali2much on April 01, 2017 Rating: 5

न वो इक़रार करता है न वो इंकार करता है,हमें फिर भी गुमाँ है वो हमीं से प्यार करता है - हसन रिज़वी

March 31, 2017
न वो इक़रार करता है न वो इंकार करता है हमें फिर भी गुमाँ है वो हमीं से प्यार करता है मैं उस के किस सितम की सुर्ख़ियाँ अख़बार में देखू...
न वो इक़रार करता है न वो इंकार करता है,हमें फिर भी गुमाँ है वो हमीं से प्यार करता है - हसन रिज़वी न वो इक़रार करता है न वो इंकार करता है,हमें फिर भी गुमाँ है वो हमीं से प्यार करता है - हसन रिज़वी Reviewed by Bhopali2much on March 31, 2017 Rating: 5

मेरे लिहाज़ को कमज़ोरियाँ समझते हैं - डॉ. कुमार विश्वास

March 30, 2017
जो बातचीत के असली हिमायती थे कभी,‬ ‪वो बातचीत को मुहँजोरियाँ समझते हैं,‬ ‪मैं जो चुप रहता हूँ तो मेरे कुछ कमजर्फ अज़ीज़,‬ ‪मेरे लिहाज़...
मेरे लिहाज़ को कमज़ोरियाँ समझते हैं - डॉ. कुमार विश्वास मेरे लिहाज़ को कमज़ोरियाँ समझते हैं - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on March 30, 2017 Rating: 5

ख़राब रहते थे मस्जिद के आगे मय-ख़ाने, निगाह-ए-मस्त ने साक़ी की इंतिक़ाम लिया - मीर

March 24, 2017
हमारे आगे तिरा जब किसू ने नाम लिया दिल-ए-सितम-ज़दा को हम ने थाम थाम लिया क़सम जो खाइए तो ताला-ए-ज़ुलेख़ा की अज़ीज़-ए-मिस्र का भी साह...
ख़राब रहते थे मस्जिद के आगे मय-ख़ाने, निगाह-ए-मस्त ने साक़ी की इंतिक़ाम लिया - मीर ख़राब रहते थे मस्जिद के आगे मय-ख़ाने, निगाह-ए-मस्त ने साक़ी की इंतिक़ाम लिया - मीर Reviewed by Bhopali2much on March 24, 2017 Rating: 5
Haalat-e-haal ke sabab halat-e-hal hi gayi - Jaun Elia  Haalat-e-haal ke sabab halat-e-hal hi gayi - Jaun Elia Reviewed by Bhopali2much on March 06, 2017 Rating: 5

Ik Adhuri Kahani Ka Kya Fayeda - Dr. Kumar Vishwas | Bhopali2Much

March 02, 2017
इक अधूरी कहानी का क्या फायदा बिन कथानक कहानी का क्या फायदा जिस में धुलकर नज़र भी न पावन बने आँख में ऐसे पानी का क्या फायद...
Ik Adhuri Kahani Ka Kya Fayeda - Dr. Kumar Vishwas | Bhopali2Much Ik Adhuri Kahani Ka Kya Fayeda - Dr. Kumar Vishwas | Bhopali2Much Reviewed by Bhopali2much on March 02, 2017 Rating: 5
Ruthna bhi hai hasino ki ada me shaamil | Bhopali2Much Ruthna bhi hai hasino ki ada me shaamil | Bhopali2Much Reviewed by Bhopali2much on January 12, 2017 Rating: 5
गालिब साहब के चुनिन्‍दा शेर गालिब साहब के चुनिन्‍दा शेर Reviewed by Bhopali2much on December 27, 2016 Rating: 5
70 Best four liner Love shayaries of all time | Bhopali2much 70 Best four liner Love shayaries of all time | Bhopali2much Reviewed by Bhopali2much on November 12, 2016 Rating: 5
दिल भी पागल है के उस शख्स से बावस्ता है | भोपाली दिल भी पागल है के उस शख्स से बावस्ता है | भोपाली Reviewed by Bhopali2much on October 17, 2016 Rating: 5
रात की धड़कन जब तक जारी रहती है | भोपाली रात की धड़कन जब तक जारी रहती है | भोपाली Reviewed by Bhopali2much on October 04, 2016 Rating: 5
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