"दिल में रहने के तकादे बहुत पुराने हैं ,
कुछ मकानों के किराये मग़र चुकाने हैं ,
मैं इन्हें खुद से अलग रक्खूँ तो कैसे रक्खूँ ,
इन थकानों के मेरे पावों में ठिकाने हैं..."
- कुमार विश्वास
कुछ मकानों के किराये मग़र चुकाने हैं ,
मैं इन्हें खुद से अलग रक्खूँ तो कैसे रक्खूँ ,
इन थकानों के मेरे पावों में ठिकाने हैं..."
- कुमार विश्वास
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