मुहब्बत इतनी बरकरार रखो कि मज़हब बीच में न आये.. - Bhopali2much

मुहब्बत इतनी बरकरार रखो कि मज़हब बीच में न आये..
कभी तुम उसे मस्जिद तक छोड़ दो कभी वो तुम्हें मंदिर तक छोड़ आये.!!
मुहब्बत इतनी बरकरार रखो कि मज़हब बीच में न आये.. - Bhopali2much मुहब्बत इतनी बरकरार रखो कि मज़हब बीच में न आये..  - Bhopali2much Reviewed by Bhopali2much on February 12, 2017 Rating: 5
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