Results for Shayari
अमर रागमाला - डॉ. कुमार विश्‍वास अमर रागमाला - डॉ. कुमार विश्‍वास Reviewed by Yogendra Nagre on November 06, 2017 Rating: 5

चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला - आनंद बक्षी | आवारगी (१९९०)

October 24, 2017
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला मेरी आअवारगी ने मुझको, आवारा बना डाला बड़ा दिल्कश बड़ा रँगीन है यह शहर कहते हैं यहाँ पर हैं हज़ार...
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला - आनंद बक्षी | आवारगी (१९९०) चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला - आनंद बक्षी | आवारगी (१९९०) Reviewed by Bhopali2much on October 24, 2017 Rating: 5
कश्तियाँ सबकी किनारे पे पहुँच जाती है, ना ख़ुदा जिनका नहीं, उनका ख़ुदा होता है... कश्तियाँ सबकी किनारे पे पहुँच जाती है,  ना ख़ुदा जिनका नहीं, उनका ख़ुदा होता है... Reviewed by Bhopali2much on September 24, 2017 Rating: 5
मैं भाव सूची उन भावो की - डॉ. कुमार विश्वास मैं भाव सूची उन भावो की - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on September 21, 2017 Rating: 5
साल दर साल मुझे ढूंढता रहता है कोई - डॉ. कुमार विश्वास साल दर साल मुझे ढूंढता रहता है कोई - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on September 18, 2017 Rating: 5

तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे !

July 12, 2017
तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! बहुत रोया बहुत तड़पा तुम्हें पाने को, तुमने एक कतरा भी प्यार नह...
तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे,
ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! Reviewed by Bhopali2much on July 12, 2017 Rating: 5

Where the hell is Kejriwal - Bhopali2much

July 05, 2017
अर्ज़ किया है गौर फरमाइयेगा... बहुत दिनों से नहीं हो रहा देश में कोई बवाल... बहुत दिनों से नहीं हो रहा देश में कोई बवाल . . . Where the ...
Where the hell is Kejriwal - Bhopali2much Where the hell is Kejriwal - Bhopali2much Reviewed by Bhopali2much on July 05, 2017 Rating: 5
भरोसा खुदा पर है, तो - Bhopali2much भरोसा खुदा पर है, तो  - Bhopali2much Reviewed by Bhopali2much on June 24, 2017 Rating: 5

जितना कम सामान रहेगा, उतना सफ़र आसान रहेगा - गोपालदास 'नीरज'

May 31, 2017
जितना कम सामान रहेगा उतना सफ़र आसान रहेगा जितनी भारी गठरी होगी उतना तू हैरान रहेगा उस से मिलना ना-मुम्किन है जब तक ख़ुद का ध्यान रह...
जितना कम सामान रहेगा, उतना सफ़र आसान रहेगा - गोपालदास 'नीरज' जितना कम सामान रहेगा, उतना सफ़र आसान रहेगा - गोपालदास 'नीरज' Reviewed by Bhopali2much on May 31, 2017 Rating: 5

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी

May 24, 2017
जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम-ए-जाँ बनता गया  सोज़-ए-जानाँ दिल में सोज़-ए-दीगराँ बनता गया  रफ़्ता रफ़्ता मुंक़लिब होती गई रस्म-ए...
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया - मजरूह सुल्तानपुरी Reviewed by Yogendra Nagre on May 24, 2017 Rating: 5
Har Ek Chehare Ko Zakhmon Kaa Aainaa Na Kaho Ye Zindagi To Hai Rahamat Ise Sazaa Na Kaho - Rahat Indori Har Ek Chehare Ko Zakhmon Kaa Aainaa Na Kaho
Ye Zindagi To Hai Rahamat Ise Sazaa Na Kaho - Rahat Indori Reviewed by Bhopali2much on May 22, 2017 Rating: 5

ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद

May 19, 2017
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है  घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है  रोज़ काग़ज़ पे बनाता हूँ मैं क़दमों के नुक़ूश  ...
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद Reviewed by Bhopali2much on May 19, 2017 Rating: 5

आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़

May 17, 2017
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा इतना मानूस न हो ख़ल्वत-ए-ग़म से अपनी तू कभी ख़ुद...
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़ आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा  वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़ Reviewed by Bhopali2much on May 17, 2017 Rating: 5

इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली

May 17, 2017
कुछ भी हो वो अब दिल से जुदा हो नहीं सकते हम मुजरिम-ए-तौहीन-ए-वफ़ा हो नहीं सकते ऐ मौज-ए-हवादिस तुझे मालूम नहीं क्या हम अहल-ए-मोहब्बत ह...
इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली Reviewed by Bhopali2much on May 17, 2017 Rating: 5

माँ - 10 बेहतरीन शेर

May 14, 2017
खुद से भी ख़ूबसूरत है मेरी माँ मेरी ज़िन्दगी की सबसे ज़रूरी ज़रूरत है माँ अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ नहीं होगा मैं जब घर से ...
माँ - 10 बेहतरीन शेर माँ - 10 बेहतरीन शेर Reviewed by Bhopali2much on May 14, 2017 Rating: 5
अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Yogendra Nagre on May 13, 2017 Rating: 5
Aao kabhi #bhopali2much Par. Aao kabhi #bhopali2much Par. Reviewed by Bhopali2much on May 12, 2017 Rating: 5

कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी

May 12, 2017
वो किसी से तुम को जो रब्त था तुम्हें याद हो कि न याद हो  वो किसी पे था कोई मुब्तिला तुम्हें याद हो कि न याद हो  कभी हम में तुम...
कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी Reviewed by Yogendra Nagre on May 12, 2017 Rating: 5
Powered by Blogger.