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अमर रागमाला - डॉ. कुमार विश्‍वास अमर रागमाला - डॉ. कुमार विश्‍वास Reviewed by Yogendra Nagre on November 06, 2017 Rating: 5
Louis Armstrong - What A Wonderful World Louis Armstrong - What A Wonderful World Reviewed by Bhopali2much on August 27, 2017 Rating: 5

तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे !

July 12, 2017
तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! बहुत रोया बहुत तड़पा तुम्हें पाने को, तुमने एक कतरा भी प्यार नह...
तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे, ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! तेरी नफरत ने ये क्या सिला दिया मुझे,
ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे ! Reviewed by Bhopali2much on July 12, 2017 Rating: 5

ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद

May 19, 2017
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है  घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है  रोज़ काग़ज़ पे बनाता हूँ मैं क़दमों के नुक़ूश  ...
ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद ज़िंदगी मौत के पहलू में भली लगती है, घास इस क़ब्र पे कुछ और हरी लगती है - सलीम अहमद Reviewed by Bhopali2much on May 19, 2017 Rating: 5
12 HABITS THAT CAN CAUSE UNHAPPINESS 12 HABITS THAT CAN CAUSE UNHAPPINESS Reviewed by Bhopali2much on May 17, 2017 Rating: 5

आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़

May 17, 2017
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा इतना मानूस न हो ख़ल्वत-ए-ग़म से अपनी तू कभी ख़ुद...
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़ आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा  वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा - अहमद फ़राज़ Reviewed by Bhopali2much on May 17, 2017 Rating: 5

इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली

May 17, 2017
कुछ भी हो वो अब दिल से जुदा हो नहीं सकते हम मुजरिम-ए-तौहीन-ए-वफ़ा हो नहीं सकते ऐ मौज-ए-हवादिस तुझे मालूम नहीं क्या हम अहल-ए-मोहब्बत ह...
इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली इतना तो बता जाओ ख़फ़ा होने से पहले,वो क्या करें जो तुम से ख़फ़ा हो नहीं सकते - असद भोपाली Reviewed by Bhopali2much on May 17, 2017 Rating: 5

कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी

May 12, 2017
वो किसी से तुम को जो रब्त था तुम्हें याद हो कि न याद हो  वो किसी पे था कोई मुब्तिला तुम्हें याद हो कि न याद हो  कभी हम में तुम...
कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी कभी हम में तुम में भी प्यार था तुम्हें याद हो कि न याद हो - ज़हीर देहलवी Reviewed by Yogendra Nagre on May 12, 2017 Rating: 5

मौसम की मनमानी है आँखों आँखों पानी है - राहत इन्दौरी | मौजूद

May 10, 2017
मौसम की मनमानी है आँखों आँखों पानी है साया-साया लिख डालो दुनिया धुप कहानी है सब पर हँसते रहते हैं फूलों की नादानी है हाय ये दुनिय...
मौसम की मनमानी है आँखों आँखों पानी है - राहत इन्दौरी | मौजूद मौसम की मनमानी है 
आँखों आँखों पानी है - राहत इन्दौरी | मौजूद Reviewed by Bhopali2much on May 10, 2017 Rating: 5
List of some mobiles that you had crush on them someday List of some mobiles that you had crush on them someday Reviewed by Bhopali2much on May 08, 2017 Rating: 5

ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए, वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए

May 05, 2017
ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए वीराँ हैं सहन ओ बाग़ बहारों को क्या हुआ वो बुलबुलें कहाँ वो तराने क...
ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए, वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए,
वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए Reviewed by Bhopali2much on May 05, 2017 Rating: 5
लग जा गले से फिर ये हंसी रात हो न हो, शायाद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो लग जा गले से फिर ये हंसी रात हो न हो, शायाद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो Reviewed by Bhopali2much on May 02, 2017 Rating: 5

अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो, संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे - इक़बाल अज़ीम

April 28, 2017
अपने मरकज़ से अगर दूर निकल जाओगे ख़्वाब हो जाओगे अफ़्सानों में ढल जाओगे अब तो चेहरों के ख़द-ओ-ख़ाल भी पहले से नहीं किस को मालूम था तुम...
अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो, संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे - इक़बाल अज़ीम अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो, संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे - इक़बाल अज़ीम Reviewed by Bhopali2much on April 28, 2017 Rating: 5
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