तेरा चुप रहना मेरे ज़ेहन में क्या बैठ गया इतनी आवाज़ें तुझे दी की गला बैठ गया …
तेरी कैद से मै युही रिहा नही हो रहा, मेरी जिंदगी तेरा हक़ अदा नही हो रहा, मेरा मौसम…
ये कश्मकश है जिदंगी की, कि कैसे बसर करें, ख्वाहिशें दफन करें, या चादर बड़ी…
क़बीले वालों के दिल जोड़िए मिरे सरदार, सरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं !…
नई दुनिया मुजस्सम दिलकशी मालूम होती है मगर इस हुस्न में दिल की कमी मालूम होती है हि…
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