फिर मेरी याद आ रही होगी - डॉ. कुमार विश्वास







फिर मेरी याद आ रही होगी
फिर वो दीपक बुझा रही होगी

फिर मेरे फेसबुक पे आ कर वो
अपना बैनर लगा रही होगी

अपने बेटे का चूम कर माथा
मुझको टीका लगा रही होगी

फिर उसी ने उसे छुआ होगा
फिर उसी से निभा रही होगी

जिस्म चादर सा बिछ गया होगा
रूह सलवट हटा रही होगी

फिर एक रात कट गयी होगी
फिर एक रात आ रही होगी

डॉ. कुमार विश्वास
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Fir meri yaad aa rahi hogi
Fir wo deepak bujha rahi hogi

Fir mere facebook pe aa kar wo
Apna bainar bana rahi hogi

Apne bete kaa chumkar maatha
Mujhko teeka laga rahi hogi

Fir ussi ne usse chuaa hoga
Fir ussi se nibhaa rahi hogi

Jism chaadar sa bich gaya hoga
Rooh silwat hata rahi hogi

Fir ek raat kat gayi hogi
Fir ek raat aa rahi hogi

Dr. Kumar Vishwas


फिर मेरी याद आ रही होगी - डॉ. कुमार विश्वास फिर मेरी याद आ रही होगी - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on October 16, 2016 Rating: 5
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