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अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास
किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं - डॉ. कुमार विश्वास
वो नज़ारे जो कभी शौक ए तमन्ना थे मुझे - डॉ. कुमार विश्वास
मैंने ख़ुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र - डॉ. कुमार विश्वास
तुझे सोचने में ये दिन गया, तुझे माँगने में ये शब गयी - डॉ. कुमार विश्वास
घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें | भोपाली
तुझे सोचने में ये दिन गया | डॉ. कुमार विश्वास
Dr. Kumar Vishwas | Collection | 2016
जिसके होने से मैं खुद को मुकम्मल मानता हूँ | भोपाली
ये ख़यालों की बदहवासी है | डॉ. कुमार विश्वास
Best four liners of dr. Kumar vishwas | collection | part 3
बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सेह नहीं पाया | कुमार विश्वास
मधुयामिनी - डॉ. कुमार विश्वास | Madhuyamini - Dr. Kumar Vishwas
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती | kosish karne walon ki kabhi haar nahi hoti