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अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Yogendra Nagre on May 13, 2017 Rating: 5

किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं - डॉ. कुमार विश्वास

April 09, 2017
किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं हमारी सारी चालाकी वही पे खो के गुजरी हैं तुम्हारी और हमारी रात में बस फर्क इतना हैं तुम...
किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं - डॉ. कुमार विश्वास किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on April 09, 2017 Rating: 5
वो नज़ारे जो कभी शौक ए तमन्ना थे मुझे - डॉ. कुमार विश्वास वो नज़ारे जो कभी शौक ए तमन्ना थे मुझे - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on March 18, 2017 Rating: 5

मैंने ख़ुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र - डॉ. कुमार विश्वास

March 09, 2017
इक सदा पैग़ाम देती फिर रही दर-दर, चुप्पियों से भी बड़ा है चुप्पियों का डर. रोज़ मौसम की शरारत झेलता कब तक, मैंने ख़ुद में रच लिए ...
मैंने ख़ुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र - डॉ. कुमार विश्वास मैंने ख़ुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on March 09, 2017 Rating: 5

तुझे सोचने में ये दिन गया, तुझे माँगने में ये शब गयी - डॉ. कुमार विश्वास

January 02, 2017
तुझे सोचने में ये दिन गया, तुझे माँगने में ये शब गयी मेरी ज़ीस्त से मैं विदा हुआ, मेरी ज़िन्दगी से तू कब गयी मेरे दिल के खाली सराय मे...
तुझे सोचने में ये दिन गया, तुझे माँगने में ये शब गयी - डॉ. कुमार विश्वास तुझे सोचने में ये दिन गया, तुझे माँगने में ये शब गयी - डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on January 02, 2017 Rating: 5
घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें | भोपाली घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें | भोपाली Reviewed by Bhopali2much on October 13, 2016 Rating: 5
तुझे सोचने में ये दिन गया | डॉ. कुमार विश्वास तुझे सोचने में ये दिन गया | डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on July 09, 2016 Rating: 5
Dr. Kumar Vishwas | Collection | 2016 Dr. Kumar Vishwas | Collection | 2016 Reviewed by Bhopali2much on July 04, 2016 Rating: 5
जिसके होने से मैं खुद को मुकम्मल मानता हूँ | भोपाली जिसके होने से मैं खुद को मुकम्मल मानता हूँ | भोपाली Reviewed by Bhopali2much on June 15, 2016 Rating: 5
ये ख़यालों की बदहवासी है | डॉ. कुमार विश्वास ये ख़यालों की बदहवासी है | डॉ. कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on June 14, 2016 Rating: 5

Best four liners of dr. Kumar vishwas | collection | part 3

June 10, 2016
एक पर्वत सा मेरी उँगलियों पे ठहरा है तेरी चुप्पी का सबब क्या है ? इसे हल कर दे ये फ़क़त लफ्ज़ हैं तो रोक दे रस्ता इन का और अ...
Best four liners of dr. Kumar vishwas | collection | part 3 Best four liners of dr. Kumar vishwas | collection | part 3 Reviewed by Bhopali2much on June 10, 2016 Rating: 5

बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सेह नहीं पाया | कुमार विश्वास

June 10, 2016
बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सेह नहीं पाया हवाओं के इशारों पर मगर मैं बह नहीं पाया अधूरा अनसुना ही रह गया यूँ प्यार का किस्सा कभी तुम ...
बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सेह नहीं पाया | कुमार विश्वास बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सेह नहीं पाया | कुमार विश्वास Reviewed by Bhopali2much on June 10, 2016 Rating: 5
मधुयामिनी - डॉ. कुमार विश्वास | Madhuyamini - Dr. Kumar Vishwas मधुयामिनी - डॉ. कुमार विश्वास | Madhuyamini - Dr. Kumar Vishwas Reviewed by Bhopali2much on June 09, 2016 Rating: 5
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती | kosish karne walon ki kabhi haar nahi hoti कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती | kosish karne walon ki kabhi haar nahi hoti Reviewed by Bhopali2much on June 08, 2016 Rating: 5
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