अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास - Bhopali2Much

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Saturday, 13 May 2017

अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे - डॉ. कुमार विश्वास


प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो  जाये 
ओढ़नी इस तरह उलझे के कफ़न हो जाये 
घर के एहसास जो बाजार की शर्तों में ढले
अजनबी लोग जो हमराह बांके साथ चले
लबों से आसमा तक सबकी दुआ चूक जाए
भीड़ का शोर जो कानो के पास रुक जाये 

सितम की मरी हुई वक़्त की इन आँखों में
नमी हो लाख मगर फिर भी मुस्कुराएंगे 
अँधेरे वक़्त में भी गीत गए जायेंगे. 

लोग कहते रहे इस रात की सुबह ही नहीं 
कह दे सूरज की रौशनी का तजुर्बा ही नहीं .
वोलडै को भले आर पार ले जाए
लोहा ले जाये या लोहे की धार ले जाये
जिसके चौखट से तराज़ू तक हो उनपे गिरवी 
उस अदालत में हमे बार बार ले जाएँ 

हम अगर गुनगुना भी देंगे तो वो सब के सब
हमको कागज़ पे हरा के भी हार जायेंगे 
अँधेरे वक़्त में भी गीत गाये जायेंगे. 

- डॉ. कुमार विश्वास - 
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pyaar jab jism ki chikhon me dafan ho jaye
odhani is tarah uljhe ki kafan ho jaye
ghar ke ehsaas jo bazar ki sharto me dhale
ajnabi log jo hamrah banke sath chale
labo se aasma tak sabki dua chuk jaye
bheed ka shor jo kaano ke paas ruk jaye

sitam ki mari hui waqt ki in aankho me 
nami ho laakh magar fir bhi muskurayenge
andhere waqt me bhi geet gaye jayegne

log kehte rahe is raat ki subah hi nahi
keh de suraj ki roshni ka tajurba hi nahi 
wo ladai ko bhale aar paar le jaye
loha le jaye ya lohe ki dhaar le jaye
jiske chokath se taraju tak ho unpar girvi

us adalat me hame bar bar le jaye
hum agar gunguna denge to wo sab ke sab
hamko kagaz hara ke bhi haar jayenge

- Dr. Kumar Vishwas -